कक्षा 8 के छात्रों के लिए UP Board सामाजिक विज्ञान (इतिहास) के पाठ 7 “भारत में नवजागरण” के प्रश्न उत्तर यहाँ दिए गए हैं। यह पाठ 19वीं सदी के सामाजिक सुधार आंदोलनों, प्रमुख नेताओं और उनके योगदानों पर आधारित है। ये उत्तर सरल हिंदी में हैं, परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयार किए गए हैं, और NCERT/UP Board सिलेबस पर आधारित हैं। प्रत्येक प्रश्न के बाद उत्तर दिया गया है, ताकि आप आसानी से पढ़ सकें। ये उत्तर आपको परीक्षा में अच्छे अंक दिलाने में मदद करेंगे।

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
प्रश्न 1: नवजागरण क्या है? इसका अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: नवजागरण 19वीं सदी में भारत में उत्पन्न एक नई चेतना का नाम है, जिसने समाज में सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक सुधार लाए। यह पुनर्जागरण (रेनेसां) से प्रेरित था, लेकिन डॉ. रामविलास शर्मा ने इसे ‘नवजागरण’ कहा, क्योंकि इसमें नई जागृति का भाव प्रमुख था। इसका मुख्य उद्देश्य प्राचीन भारतीय संस्कृति को पुनर्जीवित करना और आधुनिक विचारों को अपनाना था, जिससे स्वतंत्रता की भावना जागृत हुई।
प्रश्न 2: भारतीय नवजागरण का जनक कौन माना जाता है? उनके प्रमुख योगदान बताइए।
उत्तर: भारतीय नवजागरण का जनक राजा राममोहन राय (1772-1833) माने जाते हैं। वे बंगाल के एक जमींदार परिवार में जन्मे थे। उनके प्रमुख योगदान हैं: 1828 में ब्रह्म समाज की स्थापना, जो एकेश्वरवाद और सामाजिक सुधार पर आधारित था; सती प्रथा के खिलाफ अभियान चलाकर 1829 में इसका कानूनी प्रतिबंध लगवाना; स्त्री शिक्षा और विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा देना। उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से भी जनजागृति फैलाई।
प्रश्न 3: ब्रह्म समाज की स्थापना कब और क्यों की गई?
उत्तर: ब्रह्म समाज की स्थापना 1828 में राजा राममोहन राय ने कलकत्ता (कोलकाता) में की। इसका उद्देश्य हिंदू धर्म में व्याप्त अंधविश्वासों, मूर्तिपूजा और सामाजिक बुराइयों को दूर करना था। यह समाज एकेश्वरवाद, तर्कशीलता और सामाजिक समानता पर आधारित था, जो नवजागरण का प्रतीक बना।
प्रश्न 4: आर्य समाज की स्थापना किसने की? इसका मुख्य सिद्धांत क्या था?
उत्तर: आर्य समाज की स्थापना 1875 में स्वामी दयानंद सरस्वती ने की। इसका मुख्य सिद्धांत “वेदों की ओर लौटो” था। उन्होंने मूर्तिपूजा, बाल विवाह, जातिगत भेदभाव और अंधविश्वासों का विरोध किया। आर्य समाज ने शिक्षा के प्रसार के लिए दयानंद एंग्लो-वर्नाकुलर स्कूल स्थापित किए, जो पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में फैले।
प्रश्न 5: सत्यशोधक समाज का क्या महत्व है?
उत्तर: सत्यशोधक समाज की स्थापना 1873 में महाराष्ट्र के ज्योतिबा फुले ने की। इसका महत्व दलितों और पिछड़ी जातियों के उत्थान में था। यह समाज ब्राह्मणवाद और जातिगत भेदभाव के खिलाफ था। ज्योतिबा और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने 1848 में पहला बालिका स्कूल खोला और विधवाओं के लिए प्रसूति गृह स्थापित किया, जिससे स्त्री शिक्षा को बढ़ावा मिला।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
प्रश्न 1: नवजागरण आंदोलन में स्त्री मुक्ति और जाति प्रथा के विरोध की भूमिका का वर्णन कीजिए।
उत्तर: नवजागरण आंदोलन में स्त्री मुक्ति और जाति प्रथा का विरोध केंद्रीय मुद्दा था। स्त्री मुक्ति के लिए राजा राममोहन राय ने सती प्रथा पर 1829 में प्रतिबंध लगवाया, जबकि ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने 1856 में विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित करवाया। बाल विवाह और अनमेल विवाह पर रोक लगाने के प्रयास हुए, क्योंकि गरीबी के कारण माता-पिता कन्याओं का विवाह बुजुर्गों से कर देते थे।
ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई ने दलित लड़कियों के लिए स्कूल खोले और स्त्री शिक्षा को बढ़ावा दिया। जाति प्रथा के विरोध में सुधारकों ने कहा कि यह प्रगति की बाधा है। ज्योतिबा फुले ने सत्यशोधक समाज बनाकर छुआछूत और दलितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। केरल के नारायण गुरु ने जाति विरोधी आंदोलन चलाया, और तमिलनाडु के द्रविड़ आंदोलन ने पिछड़ी जातियों के उत्थान के लिए जनजागृति की। इन प्रयासों से समाज में समानता की भावना मजबूत हुई।
प्रश्न 2: नवजागरण में शिक्षा के प्रसार की भूमिका बताइए। प्रमुख संस्थानों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: नवजागरण में शिक्षा को समाज सुधार का प्रमुख साधन माना गया। सुधारकों ने आधुनिक शिक्षा के प्रसार पर जोर दिया, क्योंकि इससे अंधविश्वास दूर होते और तर्कशीलता आती। राजा राममोहन राय ने अंग्रेजी शिक्षा को बढ़ावा दिया। ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने बेथ्यून स्कूल (1849) की स्थापना में मदद की, जो स्त्री शिक्षा के लिए था।
ज्योतिबा फुले ने 1848 में पहला बालिका स्कूल खोला और दलितों को शिक्षित किया। स्वामी दयानंद सरस्वती के आर्य समाज ने पंजाब में दयानंद एंग्लो-वर्नाकुलर संस्थान स्थापित किए, जो स्कूली और कॉलेज स्तर की शिक्षा देते थे। सर सैयद अहमद खां ने 1873 में मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज (बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय) बनाया, जो मुस्लिमों के लिए आधुनिक शिक्षा का केंद्र बना। इन संस्थानों ने न केवल शिक्षा फैलाई, बल्कि समाज को रूढ़िवाद से मुक्त किया।
प्रश्न 3: नवजागरण का साहित्य और पत्रकारिता पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: नवजागरण ने साहित्य और पत्रकारिता को नई दिशा दी। इस दौर में लेखकों ने भारतीय भाषाओं में सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों को उठाया। पश्चिमी साहित्य के प्रभाव से उपन्यास, कहानी, निबंध जैसी नई विधाएं विकसित हुईं। नाटक का पुनरुद्धार हुआ, जो मध्ययुग में कमजोर पड़ गया था।
भारतेंदु हरिश्चंद्र ने हिंदी साहित्य में ‘कविवचन सुधा’ पत्रिका शुरू की और नाटकों से जनजागृति फैलाई। पत्र-पत्रिकाओं ने लोगों को तर्कपूर्ण सोच सिखाई – किसी बात को परंपरा या धार्मिक ग्रंथों के आधार पर न मानने की सलाह दी। इतिहासकार विपिन चंद्र ने कहा कि नवजागरण के आंदोलन मानववादी थे, जहां इहलौकिक हितों पर जोर था। इन माध्यमों ने नवजागरण को जन-जन तक पहुंचाया और स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखी।
प्रश्न 4: नवजागरण मुस्लिम समाज तक कैसे फैला? सर सैयद अहमद खां के योगदान का वर्णन कीजिए।
उत्तर: नवजागरण केवल हिंदुओं तक सीमित नहीं था; मुस्लिम समाज में भी सुधार की लहर आई। सूफी परंपरा ने हिंदू-मुस्लिम एकता को मजबूत किया, जो 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में दिखा।
सर सैयद अहमद खां (1817-1898) ने मुस्लिमों में आधुनिक चेतना जगाई। वे अंग्रेजों के समर्थक थे, लेकिन रूढ़िवाद और अंधविश्वास के खिलाफ थे। उन्होंने 1873 में मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज स्थापित किया, जो बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना। यह कॉलेज मुस्लिमों को आधुनिक शिक्षा देता था। अलीगढ़ आंदोलन ने मुल्लाओं की शक्ति कमजोर की और सामंतवाद को चुनौती दी। इतिहासकार के. दामोदरन ने कहा कि यह आंदोलन धार्मिक होने के बावजूद प्रगतिशील था।
अतिरिक्त प्रश्न (Extra Questions for Practice)
प्रश्न 1: प्रार्थना समाज की स्थापना किसने की?
उत्तर: प्रार्थना समाज की स्थापना 1867 में महाराष्ट्र के महादेव गोविंद रानाडे ने की। यह समाज सामाजिक सुधार और विधवा पुनर्विवाह पर केंद्रित था।
प्रश्न 2: नारायण गुरु का योगदान क्या था?
उत्तर: केरल के नारायण गुरु ने जाति प्रथा का विरोध किया और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा दिया। उन्होंने श्री नारायण धर्म परिपालना योगम बनाया, जो दलित उत्थान के लिए था।
प्रश्न 3: नवजागरण का स्वतंत्रता संग्राम से क्या संबंध था?
उत्तर: नवजागरण ने राष्ट्रप्रेम और तर्कशीलता जगाई, जो 1857 के विद्रोह और बाद के आंदोलनों की नींव बनी। सुधारकों ने ब्रिटिश शोषण के खिलाफ जागरूकता फैलाई।
ये प्रश्न उत्तर UP Board कक्षा 8 के पाठ 7 पर आधारित हैं। यदि आपको PDF डाउनलोड या अधिक अभ्यास प्रश्न चाहिए, तो बताएं। परीक्षा के लिए शुभकामनाएं!







