जर्मनी का एकीकरण कब हुआ: इतिहास, चरण, बिस्मार्क और रक्त-लोह की नीति | Unification of Germany in Hindi

By Santosh kumar

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जर्मनी का एकीकरण (Unification of Germany) आधुनिक यूरोपीय इतिहास का एक ऐतिहासिक घटनाक्रम है, जिसने 19वीं सदी में यूरोप का मानचित्र बदलकर रख दिया। यही वो घटना थी जिसने यूरोप में जर्मनी को एक शक्तिशाली राष्ट्र में बदल दिया और उसके बाद जर्मनी ने यूरोप सहित पुरे विश्व युद्धों की आधारशिला तैयार कर दी।

जब हम प्रश्न करते हैं- “जर्मनी का एकीकरण कब हुआ“, तो इसका सीधा उत्तर है 1871। लेकिन क्या सिर्फ तारीख काफी है जर्मनी का एकीकरण जानने के लिए ? इस लेख में हम एकीकरण से पूर्व जर्मनी की स्थिति, एकीकरण के चरण, बिस्मार्क की भूमिका, किसके द्वारा एकीकरण हुआ, और रक्त और लोह की नीति का अर्थ जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को सरल भाषा में समझेंगे।

जर्मनी का एकीकरण कब हुआ: इतिहास, चरण, बिस्मार्क और रक्त-लोह की नीति | Unification of Germany in Hindi

Unification of Germany: जर्मनी एकीकरण क्यों आवश्यक था?

कल्पना करें, एक देश जो सैकड़ों छोटे-छोटे राज्यों में बंटा हो, जहां हर राज्य का अपना राजा, अपनी भाषा और अपनी सीमाएं हों। यही स्थिति 19वीं सदी के शुरुआती दौर में जर्मनी की थी। 1806 से पहले जर्मनी पवित्र रोमन साम्राज्य (Holy Roman Empire) के अंतर्गत आता था। 1806 में नेपोलियन ने पवित्र रोमन साम्राज्य को भंग कर दिया। नेपोलियन “बांटो और राज करो” की नीति चाहता था। मगर अप्रत्यक्ष रूप से यह नेपोलियन ही था जिसने जर्मनी में राष्ट्रवाद को जन्म दिया।

1815 में वाटरलू के युद्ध में नेपोलियन की पराजय के बाद बुलाये गए वियना कांग्रेस ने जर्मनी को 39 छोटे राज्यों में बांटकर एक ढीला-ढाला संघ बना दिया था। इनमें प्रशा (प्रूसिया) और ऑस्ट्रिया सबसे ताकतवर थे। लेकिन जर्मन लोग जर्मनी को एक राष्ट्र बनना चाहते थे जिसके अंतर्गत एक भाषा, एक संस्कृति, एक सरकार हो।

जर्मन लोगों के इस सपने को वास्तविक्ता में बदलने वाला शख्स ऑटो वॉन बिस्मार्क था, जो प्रशा का चांसलर (प्रधानमंत्री) बना। उसने अपनी सफल कूटनीति और ताक़त से जर्मनी का एकीकरण किया । जर्मनी का एकीकरण 18 जनवरी 1871 को फ्रांस के वर्साय पैलेस में हुआ, जब राजा विलियम प्रथम को जर्मन साम्राज्य का सम्राट घोषित किया गया। इसने जर्मनी को विश्व की महाशक्ति बनाया। लेकिन जर्मनी का एकीकरण इतना सरल नहीं था इसके लिए एक लम्बी लड़ाई लड़ी गई।

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ऑटो वॉन बिस्मार्क कौन था?

ऑटो वॉन बिस्मार्क (पूरा नाम: ऑटो एडुआर्ड लियोपोल्ड वॉन बिस्मार्क) जर्मनी के एकीकरण के प्रमुख नायक थे। उनका जन्म 1 अप्रैल 1815 को प्रशा के शॉनहाउज़न में एक कुलीन जंकर परिवार में हुआ। गोटिंगेन और बर्लिन विश्वविद्यालयों में कानून और प्रशासन की पढ़ाई ने उनकी कूटनीतिक और प्रशासकीय क्षमताओं को निखारा।

1862 में राजा विलियम प्रथम ने उन्हें प्रशा का चांसलर नियुक्त किया। बिस्मार्क अपने तेज-तर्रार दिमाग, कठोर व्यक्तित्व और “रक्त और लोह” नीति के लिए प्रसिद्ध थे, जिसके तहत उन्होंने युद्धों और कूटनीति के जरिए जर्मनी को एकजुट किया। उनकी मृत्यु 30 जुलाई 1898 को फ्रेडरिक्सरुहे, जर्मनी में हुई।

ऑटो वॉन बिस्मार्क कौन था?
नामऑटो वॉन बिस्मार्क
पूरा नामऑटो एडुआर्ड लियोपोल्ड वॉन बिस्मार्क
जन्म1 अप्रैल 1815
जन्मस्थानशॉनहाउज़न
पिताकार्ल विल्हेल्म फर्डिनेंड वॉन बिस्मार्क
माताविल्हेल्मिने लुइज़ मेनकेन
पत्नी भाई-बहनबढ़ा भाई-बर्नहार्ड वॉन बिस्मार्क,
छोटी बहन- माल्विना वॉन बिस्मार्क
पत्नीजोहाना वॉन पुट्टकमर
संतानकुल तीन बचे- मारी वॉन बिस्मार्क (बेटी), हर्बर्ट वॉन बिस्मार्क और विल्हेल्म (बिल) वॉन बिस्मार्क
मृत्यु1898
मृत्यु का स्थान30 जुलाई 1898, 83 वर्ष की आयु में
मृत्यु का कारणफ्रेडरिक्सरुहे (Friedrichsruh), जर्मनी
प्रमुख नीति“लोह और रक्त”

ऑटो वॉन बिस्मार्क की शिक्षा

वर्षसंस्था का नामस्थानविषय/उपलब्धि
1821-1827प्लामन इंस्टीट्यूट (Plamannsche Anstalt)बर्लिन, प्रशाप्रारंभिक शिक्षा
1827-1832फ्रेडरिक-विल्हेल्म जिम्नेजियम (Friedrich-Wilhelm-Gymnasium)बर्लिन, प्रशामाध्यमिक शिक्षा
1832-1835गोटिंगेन विश्वविद्यालय (University of Göttingen)गोटिंगेन, हनोवरकानून और प्रशासन
1835-1836बर्लिन विश्वविद्यालय (Humboldt University of Berlin)बर्लिन, प्रशाकानून और प्रशासन
1836-1838प्रशिक्षण और सरकारी सेवाबर्लिन और आकिन, प्रशाप्रशासकीय प्रशिक्षण

एकीकरण से पूर्व जर्मनी की राजनीतिक स्थिति

एकीकरण से पूर्व जर्मनी की स्थिति कमजोर और बिखरी हुई थी। 1806 में नेपोलियन ने पवित्र रोमन साम्राज्य को समाप्त कर दिया, जिससे जर्मनी सैकड़ों छोटे राज्यों में बिखर गया। 1815 की वियना कांग्रेस ने इन्हें जर्मन महासंघ (German Confederation) में जोड़ा, जिसमें 39 राज्य थे।

  • प्रशा: उत्तरी जर्मनी का सैन्य और आर्थिक रूप से मजबूत राज्य।
  • ऑस्ट्रिया: दक्षिणी राज्यों पर प्रभाव, लेकिन गैर-जर्मन क्षेत्रों (हंगरी आदि) के कारण कमजोर।
  • छोटे राज्य: बवेरिया, सैक्सोनी, वुर्टेमबर्ग जैसे राज्य, जो आपस में प्रतिद्वंद्वी थे।

समस्याएं:

  • आर्थिक बाधाएं: हर राज्य का अपना अलग टैक्स और व्यापार नियम, जिससे व्यापार में बाधा आती थी।
  • राजनीतिक अस्थिरता: कोई केंद्रीय सरकार नहीं। ऑस्ट्रिया महासंघ का अध्यक्ष था, लेकिन प्रशा उसका विरोधी।
  • राष्ट्रीय भावना: 1848 की क्रांतियों ने जर्मन लोगों में एकता की भावना जगाई, लेकिन फ्रैंकफर्ट संसद असफल रही।

1850 के दशक में जर्मन चुंगी संघ (Zollverein) बना, जिसने आर्थिक एकीकरण की नींव रखी। प्रशा ने इसे राजनीतिक नेतृत्व दिया, जिससे छोटे राज्यों की निर्भरता बढ़ी। यह एकीकरण की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम था।

जर्मनी का एकीकरण कब हुआ?

इसका मुख्य चरण 1870-71 का फ्रांस-प्रशा युद्ध था, जो 18 जनवरी 1871 को वर्साय में समाप्त हुआ। लेकिन पूरी प्रक्रिया 1864 से प्रारम्भ हुई थी। 1867 में उत्तरी जर्मन महासंघ बना, और 1871 में पूर्ण जर्मन साम्राज्य की स्थापना हुई।

जर्मनी का एकीकरण कब हुआ?

एकीकरण कितने चरणों में हुआ?

बिस्मार्क ने तीन मुख्य युद्धों के जरिए एकीकरण की प्रक्रिया को पूरा किया। हर युद्ध ने जर्मनी को एक कदम करीब लाया।

चरणवर्षयुद्ध का नाममुख्य घटनापरिणाम
पहला चरण1864डेनमार्क युद्धप्रशा और ऑस्ट्रिया ने डेनमार्क पर हमला किया (श्लेसविग-होल्स्टीन विवाद)प्रशा-ऑस्ट्रिया की जीत। जर्मन राज्यों में प्रशा की साख बढ़ी।
दूसरा चरण1866ऑस्ट्रिया-प्रशा युद्ध (सात सप्ताह का युद्ध)प्रशा ने ऑस्ट्रिया को हराया (कोनिग्राट्ज की लड़ाई)ऑस्ट्रिया को जर्मन मामलों से बाहर किया। उत्तरी जर्मन महासंघ (1867) बना।
तीसरा चरण1870-71फ्रांस-प्रशा युद्धफ्रांस ने प्रशा पर हमला किया (एम्स टेलीग्राम विवाद)प्रशा की जीत। दक्षिणी राज्य शामिल हुए। 1871 में जर्मन साम्राज्य बना।

बिस्मार्क की कूटनीति ने इन युद्धों को सफल बनाया। उन्होंने पहले डेनमार्क को पराजित किया और ऑस्ट्रिया से गठबंधन तोड़ा, फिर ऑस्ट्रिया को हराया, और अंत में फ्रांस को उकसाकर दक्षिणी राज्यों को प्रशा के साथ जोड़ा।

किसके द्वारा एकीकरण हुआ? बिस्मार्क की भूमिका

मुख्य रूप से ऑटो वॉन बिस्मार्क ने जर्मनी के एकीकरण में मुख्य भूमिका निभाई। सम्राट विलियम प्रथम ने सैन्य सुधारों को स्वीकृति दी, लेकिन बिस्मार्क ने कूटनीति और युद्धों का नेतृत्व किया। उन्होंने रूस, इटली और ब्रिटेन से गुप्त राजनीतिक समझौते किए और दुश्मनों को एक-एक कर पराजित किया। बिना अगर बिस्मार्क न होता, जर्मनी शायद आज भी बंटा होता।

रक्त और लोह की नीति का क्या अर्थ था?

रक्त और लोह की नीति– यह बिस्मार्क की प्रसिद्ध नीति थी, जिसे उन्होंने 1862 में बर्लिन की संसद में प्रस्तुत किया। इसका अर्थ था कि जर्मनी का एकीकरण भाषणों या जनमत से नहीं, बल्कि लोहा (सेना और हथियार) और रक्त (युद्धों में बलिदान) से होगा।

यह नीति उदारवादी विचारों (लिबरलिज्म) के विपरीत थी, जो शांतिपूर्ण एकीकरण चाहते थे। बिस्मार्क ने इसे तीन युद्धों के जरिए पूरा किया। यह नीति बाद में प्रथम विश्व युद्ध की नींव भी बनी, लेकिन इसने जर्मनी को एक राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में सफलता दिलाई।

जर्मनी एकीकरण का महत्व और प्रभाव

जर्मनी एकीकरण का महत्व और प्रभाव

जर्मनी का एकीकरण ने यूरोप का शक्ति संतुलन बदल पूरी तरह बदल दिया। इसका प्रभाव तत्काल ही नहीं बल्कि भविष्य में लम्बे समय तक हुआ-

  • आर्थिक उन्नति: एकीकरण के बाद जर्मनी में एक मुद्रा, एक बाजार ने जर्मनी को दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना दिया।
  • राष्ट्रीय गौरव: जर्मन लोगों में एकीकरण के कारण एकता और संगठन की भावना बढ़ी।
  • वैश्विक प्रभाव: जर्मनी ने एक साम्राज्य के रूप में एकीकरण के बाद नए उपनिवेश बनाए।
  • नकारात्मक पक्ष: एकीकरण के कारण फ्रांस को कई पराजयों का सामना करना पड़ा जिसने आने वाले दो विश्व युद्धों को जन्म दिया।

निष्कर्ष

जर्मनी का एकीकरण से एक बात स्पष्ट हो जाती है कि सही नेतृत्व, कुशल रणनीति और ठोस साहस से असंभव को संभव बनाया जा सकता है। बिस्मार्क की “रक्त और लोहा” नीति ने एक बिखरे हुए जर्मन क्षेत्र को एक महाशक्ति बनाया। लेकिन इसी एकीकरण ने यूरोप के भविष्य में युद्धों की एक शृंखला को जन्म दिया।

FAQ: जर्मनी एकीकरण से जुड़े सामान्य प्रश्न

1. जर्मनी का एकीकरण कब हुआ?

18 जनवरी 1871 को वर्साय पैलेस में। पूरी प्रक्रिया 1864 से 1871 तक चली।

2. ऑटो वॉन बिस्मार्क कौन थे?

वे प्रशा के चांसलर थे, जिन्होंने कूटनीति और युद्धों के द्वारा जर्मनी को एकजुट किया। उनका जन्म 1815 में हुआ और वे “रक्त और लोहा” नीति के लिए प्रसिद्ध हैं।

3. एकीकरण से पहले जर्मनी की स्थिति कैसी थी?

जर्मनी 39 छोटे राज्यों में बंटा था, जर्मन महासंघ के अधीन। आर्थिक और राजनीतिक बिखराव था।

4. एकीकरण कितने चरणों में हुआ?

तीन चरण: 1864 (डेनमार्क युद्ध), 1866 (ऑस्ट्रिया युद्ध), 1870-71 (फ्रांस युद्ध)।

5. रक्त और लोहे की नीति क्या थी?

बिस्मार्क की नीति, जिसका अर्थ था कि एकीकरण के लिए युद्ध और बलिदान जरूरी हैं।

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