Indian Constitution: भारतीय संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है, जिसे 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने अंगीकृत किया और 26 जनवरी 1950 को यह पूर्ण रूप से लागू हुआ। मूल संविधान में 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियाँ थीं, लेकिन दिसंबर 2025 तक 106 संशोधनों के बाद अब इसमें 470 से अधिक अनुच्छेद, 22 भाग और 12 अनुसूचियाँ हो चुकी हैं।
यह लेख आपके लिए एक ही जगह पर संविधान के सभी अनुच्छेद (1 से अंत तक), सभी 22 भाग, 12 अनुसूचियाँ, नीति निर्देशक तत्त्व, मौलिक अधिकार-कर्तव्य और नवीनतम संशोधन 2025 तक पूरी तरह अपडेटेड लेकर आया है। UPSC, SSC, राज्य PCS, न्यायिक सेवा या किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हों, ये नोट्स आपके लिए वन-स्टॉप सॉल्यूशन हैं।
(मूल संविधान में 395 अनुच्छेद थे, 106 संशोधनों के बाद वर्तमान में लगभग 470+ अनुच्छेद हैं, कुछ निरस्त भी हो चुके हैं)

Indian Constitution All Articles From 1 to 470
भाग 1 – संघ एवं उसका राज्य क्षेत्र (अनुच्छेद 1-4)
- अनुच्छेद 1 – भारत अर्थात् इंडिया, राज्यों का संघ होगा
- अनुच्छेद 2 – नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना
- अनुच्छेद 3 – नए राज्यों का निर्माण, क्षेत्र, सीमाओं या नाम में परिवर्तन
- अनुच्छेद 4 – अनुच्छेद 2 और 3 को प्रभावी करने हेतु विधि
भाग 2 – नागरिकता (अनुच्छेद 5-11)
- अनुच्छेद 5 – संविधान प्रारंभ पर नागरिकता
- अनुच्छेद 6 – भारत में प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों की नागरिकता
- अनुच्छेद 7 – पाकिस्तान गए व्यक्तियों के संबंध में अधिकारों का त्याग
- अनुच्छेद 8 – विदेश में रहने वाले भारत मूल के व्यक्तियों की नागरिकता
- अनुच्छेद 9 – विदेशी नागरिकता स्वीकार करने पर भारतीय नागरिकता समाप्त
- अनुच्छेद 10 – नागरिकता अधिकार का बना रहना
- अनुच्छेद 11 – संसद को नागरिकता के संबंध में विधि बनाने की शक्ति
भाग 3 – मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 12-35)
- अनुच्छेद 12 – राज्य की परिभाषा
- अनुच्छेद 13 – मौलिक अधिकारों से असंगत विधियाँ अमान्य
- अनुच्छेद 14 – विधि के समक्ष समता
- अनुच्छेद 15 – भेदभाव निषेध
- अनुच्छेद 16 – लोक नियोजन में अवसर की समानता
- अनुच्छेद 17 – अस्पृश्यता का उन्मूलन
- अनुच्छेद 18 – उपाधियों का उन्मूलन
- अनुच्छेद 19 – छह स्वतंत्रताएँ (बोलने, अभिव्यक्ति, सभा, संघ, आवागमन, निवास एवं व्यवसाय)
- अनुच्छेद 20 – अपराध दोषसिद्धि में संरक्षण
- अनुच्छेद 21 – प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण
- अनुच्छेद 21A – 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार
- अनुच्छेद 22 – गिरफ्तारी एवं निरोध से संरक्षण
- अनुच्छेद 23 – मानव व्यापार एवं बलात् श्रम निषेध
- अनुच्छेद 24 – कारखानों में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का नियोजन निषेध
- अनुच्छेद 25 – अंतःकरण एवं धर्म की स्वतंत्रता
- अनुच्छेद 26 – धार्मिक कार्य प्रबंधन की स्वतंत्रता
- अनुच्छेद 27 – धर्म के लिए कर न देना
- अनुच्छेद 28 – राज्य पोषित शिक्षण संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा निषेध
- अनुच्छेद 29 – संस्कृति एवं शिक्षा के अधिकार
- अनुच्छेद 30 – अल्पसंख्यकों की शिक्षा संस्थाएँ स्थापित करने का अधिकार
- अनुच्छेद 31 – (निरस्त – 44वें संशोधन द्वारा)
- अनुच्छेद 32 – संवैधानिक उपचारों का अधिकार
- अनुच्छेद 33 – सशस्त्र बलों में मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध की संसद की शक्ति
- अनुच्छेद 34 – मार्शल लॉ के दौरान मौलिक अधिकारों का निलंबन
- अनुच्छेद 35 – कुछ मौलिक अधिकारों के लिए विधान बनाने की शक्ति केवल संसद को

भाग 4 – राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व (अनुच्छेद 36-51)
- अनुच्छेद 36 – परिभाषाएँ
- अनुच्छेद 37 – नीति निर्देशक तत्त्वों का न्यायालय में प्रवर्तनीय न होना
- अनुच्छेद 38 – राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि करे
- अनुच्छेद 39 – कुछ नीति सिद्धांत (समान वेतन, संसाधनों का उचित वितरण आदि)
- अनुच्छेद 39A – समान न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता
- अनुच्छेद 40 – ग्राम पंचायतों का संगठन
- अनुच्छेद 41 – कार्य, शिक्षा एवं सार्वजनिक सहायता का अधिकार
- अनुच्छेद 42 – कार्य की न्यायोचित एवं मानवीय दशाएँ
- अनुच्छेद 43 – कर्मकारों के लिए जीवनोचित मजदूरी
- अनुच्छेद 43A – उद्योग प्रबंधन में कर्मकारों की भागीदारी
- अनुच्छेद 43B – सहकारी समितियों का संवर्धन (97वाँ संशोधन)
- अनुच्छेद 44 – समान नागरिक संहिता
- अनुच्छेद 45 – बाल्यावस्था की देखभाल एवं शिक्षा
- अनुच्छेद 46 – अनुसूचित जाति, जनजाति एवं कमजोर वर्गों का संवर्धन
- अनुच्छेद 47 – पोषाहार स्तर एवं जीवन स्तर में सुधार
- अनुच्छेद 48 – कृषि एवं पशुपालन का वैज्ञानिक ढंग से संगठन
- अनुच्छेद 48A – पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव संरक्षण
- अनुच्छेद 49 – राष्ट्रीय स्मारकों का संरक्षण
- अनुच्छेद 50 – न्यायपालिका का कार्यपालिका से पृथक्करण
- अनुच्छेद 51 – अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा की अभिवृद्धि
यह भी पढ़िए: भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को क्यों लागू किया गया? संविधान निर्माण और अम्बेडकर की भूमिका
भाग 4A – मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A)
- अनुच्छेद 51A – 11 मौलिक कर्तव्य (42वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया)
भाग 5 – संघ (अनुच्छेद 52-148)
- अनुच्छेद 52 – भारत का राष्ट्रपति
- अनुच्छेद 53 – संघ की कार्यपालिका शक्ति
- अनुच्छेद 54-56 – राष्ट्रपति का निर्वाचन एवं कार्यकाल
- अनुच्छेद 57-61 – पुनर्निर्वाचन, महाभियोग आदि
- अनुच्छेद 62-71 – उप-राष्ट्रपति एवं रिक्ति की पूर्ति
- अनुच्छेद 72 – क्षमादान की शक्ति
- अनुच्छेद 73 – संघ की कार्यपालिका शक्ति की विस्तृति
- अनुच्छेद 74 – मंत्रिपरिषद् (अब बाध्यकारी सलाह)
- अनुच्छेद 75 – प्रधानमंत्री एवं अन्य मंत्री
- अनुच्छेद 76 – महान्यायवादी
- अनुच्छेद 77-78 – संघ के कार्यों का संव्यवहार
- अनुच्छेद 79-122 – संसद (संरचना, सत्र, विधेयक, धन विधेयक, अध्यादेश आदि)
- अनुच्छेद 123 – राष्ट्रपति का अध्यादेश जारी करने की शक्ति
- अनुच्छेद 124-147 – सर्वोच्च न्यायालय
- अनुच्छेद 148 – भारत का नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG)
भाग 6 – राज्य (अनुच्छेद 152-237)
- अनुच्छेद 152 – भाग 6 जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं (अब लागू)
- अनुच्छेद 153 – राज्यपाल
- अनुच्छेद 154-162 – राज्य की कार्यपालिका शक्ति, मंत्रिपरिषद्, महाधिवक्ता
- अनुच्छेद 163 – राज्यपाल को सहायता देने वाली मंत्रिपरिषद्
- अनुच्छेद 164 – मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्री
- अनुच्छेद 165 – महाधिवक्ता
- अनुच्छेद 166-167 – राज्य के कार्यों का संव्यवहार
- अनुच्छेद 168-212 – राज्य विधानमंडल (विधानसभा, विधान परिषद्, विधेयक, बजट आदि)
- अनुच्छेद 213 – राज्यपाल का अध्यादेश जारी करने की शक्ति
- अनुच्छेद 214-231 – उच्च न्यायालय
- अनुच्छेद 232 – (निरस्त)
- अनुच्छेद 233-237 – अधीनस्थ न्यायालय
भाग 8 – संघ राज्यक्षेत्र (अनुच्छेद 239-242)
- अनुच्छेद 239 – संघ राज्यक्षेत्रों का प्रशासन
- अनुच्छेद 239A – कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के लिए विधानमंडल
- अनुच्छेद 239AA – दिल्ली के लिए विशेष प्रावधान
- अनुच्छेद 239AB – दिल्ली में राष्ट्रपति शासन
- अनुच्छेद 240 – कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के लिए विनियम बनाने की शक्ति
- अनुच्छेद 241 – उच्च न्यायालय संघ राज्यक्षेत्रों के लिए
- अनुच्छेद 242 – (निरस्त)
भाग 9 – पंचायतें (अनुच्छेद 243-243O)
यह भाग 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ा गया था
- अनुच्छेद 243 से 243O – ग्राम पंचायत, जिला पंचायत, 11वीं अनुसूची, वित्त आयोग आदि
भाग 9A – नगरपालिकाएँ (अनुच्छेद 243P-243ZG)
- अनुच्छेद 243P से 243ZG – नगर पालिका, वार्ड समिति, 12वीं अनुसूची आदि
भाग 9B – सहकारी समितियाँ (अनुच्छेद 243ZH-243ZT)
- अनुच्छेद 243ZH से 243ZT – सहकारी समितियों के लिए प्रावधान (97वाँ संशोधन)
भाग 11 – संघ एवं राज्यों के बीच विधायी संबंध (अनुच्छेद 245-255)
- अनुच्छेद 245-255 – क्षेत्रीय विस्तार, संघ-सूची, राज्य-सूची, समवर्ती सूची आदि
भाग 12 – वित्त, संपत्ति, अनुबंध एवं वाद (अनुच्छेद 264-300A)
- अनुच्छेद 264-291 – वित्त आयोग, कर, उधार, संपत्ति आदि
- अनुच्छेद 300A – संपत्ति का अधिकार (44वें संशोधन द्वारा मौलिक अधिकार से हटाकर कानूनी अधिकार बनाया गया)
भाग 14 – संघ एवं राज्यों के अधीन सेवाएँ (अनुच्छेद 308-323)
- अनुच्छेद 308-314 – अखिल भारतीय सेवाएँ, लोक सेवा आयोग
- अनुच्छेद 315-323 – संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग
भाग 14A – अधिकरण (अनुच्छेद 323A-323B)
- अनुच्छेद 323A – प्रशासनिक अधिकरण
- अनुच्छेद 323B – अन्य मामलों के लिए अधिकरण
भाग 18 – आपात उपबंध (अनुच्छेद 352-360)
- अनुच्छेद 352 – राष्ट्रीय आपात
- अनुच्छेद 356 – राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता (राष्ट्रपति शासन)
- अनुच्छेद 360 – वित्तीय आपात
भाग 20 – संविधान का संशोधन (अनुच्छेद 368)
- अनुच्छेद 368 – संविधान संशोधन की शक्ति एवं प्रक्रिया
भाग 21 – अस्थायी, संक्रमणकालीन एवं विशेष उपबंध (अनुच्छेद 369-392)
- अनुच्छेद 370 – (निरस्त – 5 अगस्त 2019)
- अनुच्छेद 371 से 371J – विशेष राज्य प्रावधान (नागालैंड, असम, मणिपुर, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल, गोवा, कर्नाटक, गुजरात आदि)
- अनुच्छेद 392 – प्रारंभिक शक्ति
भाग 22 – लघु शीर्षक, प्रारंभ, भाषा, निरसन (अनुच्छेद 393-395)
- अनुच्छेद 393 – लघु शीर्षक
- अनुच्छेद 394 – हिंदी एवं अंग्रेजी में प्राधिकृत पाठ
- अनुच्छेद 395 – भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 एवं सरकार अधिनियम 1935 का निरसन
यह 2025 तक की सबसे अद्यतन, पूर्ण एवं सटीक सूची है। UPSC, SSC, राज्य PCS के लिए सबसे उपयोगी नोट्स।
यह भी पढ़िए: भारत का संविधान कितने पेज का है? – एक विस्तृत विश्लेषण







