Venezuela History: कई बार इस बात पर हंसी आती है कि संयुक्त राष्ट्र संघ का निर्माण विश्व में युद्धों को रोकने और कमजोर देशों की मदद करने के लिए हुए, लेकिन रूस-यूक्रेन, इज़राइल-गाज़ा, और अब अमेरिका द्वारा वेनेज़ुएला पर किया गया हमला ये बताने के लिए काफी है कि संयुक्त राष्ट्र संघ अपनी उपयोगिता खो चूका है। वेनेज़ुएला, दक्षिण अमेरिका का तेल-समृद्ध राष्ट्र, जहां प्राकृतिक सौंदर्य और राजनीतिक उथल-पुथल एक साथ देखे जाते हैं।
सिमोन बोलिवर की जन्मभूमि से लेकर ह्यूगो चावेज़ की क्रांति तक, यह देश लाखों लोगों की संघर्षपूर्ण गाथाओं का गवाह रहा है। लेकिन अमेरिकी हमले ने वेनेज़ुएला के एक स्वतंत्र राष्ट्र के अस्तित्व को चुनौती दी है। इस लेख में हम इस देश का इतिहास से लेकर भूगोल और वर्तमान स्थिति पर दृष्टिपात करेंगे। लेख को अंत तक पढ़िए और वास्तविक स्थिति को समझिये।

Venezuela History: वेनेज़ुएला का इतिहास
वेनेज़ुएला का इतिहास स्वतंत्रता आंदोलन के एक चमचमाते दीपक का गवाह है। प्राचीन काल में यह देश वायू और वाराओ जैसे आदिवासी समुदाय की भूमि रहा है। 1498 ईस्वी में क्रिस्टोफर कोलंबस की ‘खोज‘ के बाद स्पेन ने इस पर अधिकार कर लिया और इसे अपना उपनिवेश बना लिया, और 1522 में कुमाना में पहली स्थायी बस्ती बसी। लेकिन विदेशी शक्ति केअत्याचार के विरुद्ध विद्रोह ने 19 अप्रैल 1810 को स्वतंत्रता की चिंगारी जलाई, और 5 जुलाई 1811 को स्पेन से पूर्ण स्वतंत्रता मिली। सिमोन बोलिवर के नेतृत्व में यह ग्रैन कोलंबिया का हिस्सा बना, जो 1830 में विघटित हो गया।
19वीं सदी में तानाशाही का दौर चला – जुआन विकेंटे गोमेज़ (1908-1935) के क्रूर शासन ने हजारों लोगों को कुचला। 1910 के दशक में तेल की खोज ने अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता बनी रही। 1958 में मार्कोस पेरेज़ जिमेनेज़ के पतन के बाद लोकतंत्र की शुरुआत हुई।
1999 में ह्यूगो चावेज़ की ‘बोलीवेरियन क्रांति‘ ने समाजवादी सुधार लाए – गरीबी कम करना, समान भूमि वितरण और तेल का राष्ट्रीयकरण किया गया। लेकिन 2013 में चावेज़ की मृत्यु के बाद निकोलास मादुरो के नेतृत्व में भ्रष्टाचार, आर्थिक पतन और विरोध प्रदर्शन बढ़े। 2019 में जुआन गुआइदो को अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन मिला, लेकिन मादुरो टिके रहे। 2026 में अमेरिकी हस्तक्षेप ने नया अध्याय जोड़ा।
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Geographical location of Venezuela: वेनेज़ुएला की भौगोलिक स्थिति
वेनेज़ुएला की भौगोलिक स्थिति दक्षिण अमेरिका के उत्तरी भाग में है, जहां कैरिबियन सागर और अटलांटिक महासागर इसे छूते हैं। इस देश का क्षेत्रफल 9,12,050 वर्ग किलोमीटर – अमेरिका महाद्वीप का छठा सबसे बड़ा देश। इसके पड़ोसी देश: कोलंबिया (पश्चिम), ब्राजील (दक्षिण), गुयाना (पूर्व) में स्थित हैं।
भू-आकृति बहुआयामी: उत्तर-पश्चिम में आंदेस पर्वत (सर्वोच्च पिको बोलिवर, 4,978 मीटर), माराकाइबो झील (दक्षिण अमेरिका की सबसे बड़ी), मध्य लियानोस मैदान, और दक्षिण-पूर्व गुयाना हाइलैंड्स जहां एंजेल फॉल्स (979 मीटर) दुनिया का सबसे ऊंचा झरना बहता है।
जलवायु उष्णकटिबंधीय – निचले इलाकों में 26-28°C गर्मी, ऊंचाई पर ठंडक। लेकिन बाढ़, भूस्खलन और सूखे जैसी आपदाएं आम हैं।
जैव विविधता अद्भुत: वर्षावन, मैंग्रोव और टेपुई पठारों में दुर्लभ जीव। मिट्टी में तेल, लौह अयस्क और हीरे भरपूर, लेकिन जलवायु परिवर्तन खतरा है।
वेनेज़ुएला में लोकतंत्र कब आया 1958
वेनेज़ुएला में लोकतंत्र कब आया? इसका सीधा उत्तर 1958 में है, जब तानाशाह मार्कोस पेरेज़ जिमेनेज़ का तख्ता पलटा। ‘पुन्टोफिजो समझौते‘ से बहुदलीय व्यवस्था बनी, और 1961 के संविधान ने स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित किए। 1958-1999 तक यह लैटिन अमेरिका का स्थिर लोकतंत्र था – सैन्य हस्तक्षेप निषिद्ध।
लेकिन 1980 के आर्थिक संकटों ने झटका दिया, 1992 में तख्तापलट हुए। चावेज़ के 1999 संविधान ने कार्यपालिका मजबूत की। मादुरो काल में 2018-2024 चुनाव धांधली, मीडिया दमन और न्यायिक हेरफेर से यह ‘हाइब्रिड शासन’ बन गया। वी-डेम इंडेक्स (2025) इसे अधिनायकवाद कहता है। आज लाखों वेनेज़ुएलावासी असली लोकतंत्र की राह ताक रहे हैं।

वेनेज़ुएला की जनसंख्या और धर्म
वेनेज़ुएला की जनसंख्या 2024 में 3.12 करोड़ अनुमानित है, जो 2026 तक 3.2 करोड़ पहुंच सकती है। जनसँख्या घनत्व 32 व्यक्ति/वर्ग किमी, लेकिन 88% शहरी – काराकास (29 लाख), माराकाइबो (23 लाख) मुख्य। संकट से 79 लाख प्रवासी हो चुके, लैटिन अमेरिका का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट। जातीयत विविधता: मेस्टिज़ो 51%, गोरे 43%, अश्वेत 3.6%, आदिवासी 2.6% (वायू, यानोमामी)।
वेनेज़ुएला का धर्म: रोमन कैथोलिक 48%, प्रोटेस्टेंट (ईवैंजेलिकल) 32%, यहोवा विटनेस 1.4%, अन्य 13% (नास्तिक 0.4%)। स्पेनिश मुख्य भाषा (98%), लेकिन 30+ आदिवासी बोलियां। यह विविधता उत्सवों में चमकती है, और संकट में धार्मिक समुदाय सहायता के सेतु बने।
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वेनेज़ुएला की अर्थव्यवस्था
वेनेज़ुएला की अर्थव्यवस्था दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार (86% निर्यात) पर टिकी है, लेकिन ‘कमांड’ मॉडल – सरकारी नियंत्रण प्रमुख। 2023 जीडीपी (पीपीपी) $110 अरब, प्रति व्यक्ति $4,900। क्षेत्र: तेल (पीडीवीएसए), कृषि (चावल, मवेशी – आयात-निर्भर), खनन (सोना), विनिर्माण (इस्पात)।
2014 तेल मूल्य गिरावट, भ्रष्टाचार, मूल्य नियंत्रण और अमेरिकी प्रतिबंधों से हाइपरइन्फ्लेशन (2018 में 10 लाख%) आया। जीडीपी 2013-2020 में 80% घटी, बेरोजगारी 5.5%, गरीबी 33%। भोजन-दवा की कमी से कुपोषण, बिजली संकट आम समस्या है। रेमिटेंस 5% सहारा। सुधार के संकेत हैं, लेकिन अनिश्चितता बरक़रार।
ट्रंप ने वेनेज़ुएला पर क्यों हमला किया
ट्रंप ने वेनेज़ुएला पर क्यों हमला किया? इस सवाल के जवाब में कहा जा सकता है, ट्रंप के पहले कार्यकाल (2017-2021) के दौरान वेनेज़ुएला पर प्रतिबंध मानवाधिकार, भ्रष्टाचार और ड्रग तस्करी पर लगे। मादुरो को ‘तानाशाह‘ कहा, 2019 में गुआइदो को समर्थन दिया।
2026 में देखा गया सबसे कठोर कार्यवाही जब 3 जनवरी को अमेरिकी सेना ने ‘ऑपरेशन‘ में मादुरो और उनकी पत्नी को 30 मिनट में गिरफ्तार किया। ट्रंप ने कहा इस कार्यवाही का उद्देश्य “नार्को-ट्रैफिकिंग रोकना और लोकतंत्र संक्रमण।” लेकिन आलोचक इसे अमेरिकी हितों के तौर पर देख रहे हैं क्योंकि अमेरिका वेनेज़ुएला के तेल पर एकाधिकार चाहता है, लेकिन दावा – अमेरिकी प्रवासियों (8 लाख+) को रोकना। 2005 से प्रतिबंध थे, ट्रंप ने कड़े कानून किए। अब मादुरो न्यूयॉर्क में मुकदमे का सामना करेंगे।

वेनेज़ुएला की ताजा खबरें 2026
4 जनवरी 2026 तक, वेनेज़ुएला की स्थिति उथल-पुथल भरी हैं। अमेरिकी सेना ने मादुरो को कैराकास से पकड़ कर न्यूयॉर्क भेज दिया है – उस पर ड्रग-हथियार तस्करी के आरोप लगाए हैं। ट्रंप ने कहा “सुरक्षित संक्रमण तक हम यह अभियान ‘चलाएंगे’।” ब्राजील सीमा को बंद कर दिया गया है, लोन ने इसका विरोध किया और बड़ी मात्रा में लोग भड़के हैं। चिली-कोलंबिया ने मध्यस्थता की पेशकश की है। मानवीय संकट गहरा है और हजारों लोग राहत की प्रतीक्षा में हैं। क्या यह लोकतंत्र लाएगा या नया संकट? दुनिया देख रही।
अमेरिका और वेनेज़ुएला में दुश्मनी क्यों है?
अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच दुश्मनी पुरानी है। यह ह्यूगो चावेज़ के समय से शुरू हुई। चावेज़ ने समाजवादी सरकार चलाई, जो अमेरिका के साम्राज्यवाद के खिलाफ थी। अमेरिका को यह पसंद नहीं आया। चावेज़ की मौत के बाद निकोलास मादुरो ने सत्ता संभाली। तब से तनाव और बढ़ गया।
अमेरिका ने मादुरो पर कई आरोप लगाए। जैसे, मानवाधिकारों का उल्लंघन, भ्रष्टाचार, चुनाव धांधली (2018 और 2024 में), और ड्रग तस्करी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त कदम उठाए। उन्होंने आर्थिक प्रतिबन्ध लगाए, तेल बेचने पर रोक लगाई, और मादुरो को गैरकानूनी बताया।
चावेज़ से लेकर मादुरो तक, वेनेज़ुएला ने अमेरिका के दबाव में कभी सर नहीं झुकाया। हमेशा डटकर खड़े रहे। अमेरिका को यह बुरा लगा। इसलिए ट्रंप ने कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध ठोके।
2026 का नया मोड़: जनवरी 2026 में यह दुश्मनी चरम पर पहुंच गई। अमेरिकी सेना ने मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। ट्रंप ने कहा, यह ड्रग तस्करी रोकने और लोकतंत्र लाने के लिए है। वेनेज़ुएला ने अमेरिका पर हमले का आरोप लगाया। अब लैटिन अमेरिका में हंगामा मचा है। लाखों वेनेज़ुएलावासी पहले ही देश छोड़ चुके हैं। क्या यह शांति लाएगा या और संकट? देखना बाकी है।(स्रोत-दैनिक जागरण)
निष्कर्ष
निष्कर्ष स्वरुप यह कहना ज्यादा उचित होगा कि अमेरिका बिना अपने हितों के कहीं भी कोई कार्यवाही नहीं करता। भले ही ट्रम्प कहें कि इस हमले का उद्देश्य वेनेज़ुएला से भष्टाचार ख़त्म कर, लोकतंत्र की वास्तविक वहाली करना है, साथ ही अवैध मानव प्रवास को रोकना है। लेकिन सच्चाई यह है कि अमेरिका वेनेज़ुला के तेल उत्पादन पर एकाधिकार चाहता है। देखना है आगे क्या होता है।







